हैदराबाद , सितंबर 01 -- तेलंगाना के आठ जिलों में धान की खेती को एक नए तरीके 'अल्टरनेट वेटिंग एंड ड्राइंग' (एडब्ल्यूडी - एक छोड़कर एक दिन खेत को सुखाने और सींचने की तकनीक) से करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया है।

पानी की खपत और मीथेन उत्सर्जन को कम करने वाली इस जलवायु-अनुकूल पद्धति को अपनाने वाले किसानों को यहां इक्रिसेट परिसर में आयोजित 'वरि वरहालु' समारोह में सम्मानित और प्रोत्साहित किया गया। इन किसानों की कोशिशों से तीन लाख एकड़ से अधिक भूमि पर इस नए तरीके से खेती हो रही है।

इस कार्यक्रम में जहीराबाद के सांसद सुरेश कुमार शेतकर ने चुने गए किसानों को प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए। इस कार्यक्रम के तहत किसानों को धान की खेती में लगातार पानी भरकर रखने के बजाय नियंत्रित सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे फसल की पैदावार प्रभावित किए बिना पानी और मीथेन उत्सर्जन में कमी लाई जा सके।

सांसद शेतकर ने कहा कि किसानों को पैदावार और स्थिरता के बीच चयन नहीं करना पड़े, बल्कि ऐसा तंत्र बने जहां जल संरक्षण और मिट्टी की सेहत में सुधार से किसानों की आय भी बढ़े। इक्रिसेट के उप महानिदेशक (अनुसंधान एवं नवाचार) डॉ. स्टैनफोर्ड ब्लेड ने कहा कि यह पहल कम उत्सर्जन वाली कृषि के जरिए किसानों को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाने का एक बेहतरीन अवसर है।

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