चंडीगढ़ , जून 2 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समयबद्ध, पारदर्शी और तकनीक आधारित न्याय के विजन को हरियाणा में नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से साकार किया जा रहा है।

मंगलवार को चंडीगढ़ में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के कार्यान्वयन की समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर आरोपपत्र दाखिल करना और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि 10 वर्ष से कम सजा वाले मामलों में जांच अधिकारियों को 45वें दिन से एसएमएस अलर्ट भेजे जाएं, जबकि 55वें दिन संबंधित पुलिस अधीक्षक को स्वतः सूचना पहुंचे। 10 वर्ष से अधिक सजा वाले मामलों में 60वें दिन से विशेष निगरानी शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में वैज्ञानिक जांच और तकनीक आधारित साक्ष्यों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के दौरान फिंगरप्रिंट या अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने ई-साक्ष्य, एनएएफआईएस और न्यायश्रुति परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की।

अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य में 453 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अदालतों के संचालन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं और अधिकांश जिलों में इनका उपयोग 90 प्रतिशत से अधिक है।

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