दरभंगा, 0 3 जुलाई (वार्ता) कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर लक्ष्मी निवास पांडे ने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में विश्वविद्यालय परिसर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नजर आएगा। चार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले तारामंडल, वेधशाला, डिजिटल लाइब्रेरी, अंतरराष्ट्रीय छात्रावास, शोधार्थियों के लिए छात्रावास, भाषा प्रयोगशाला, कैंटीन सहित कई नए भवनों के निर्माण कार्य का विश्वविद्यालय के कुलपति लक्ष्मी निवास पांडे ने विधि-विधान एवं पूजा-अर्चना के बीच शिलान्यास किया तथा शिलापट्ट का अनावरण किया।

शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति श्री पांडे ने कहा कि इन नई परियोजनाओं से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

कुलपति ने कहा कि वेधशाला व तारामंडल के निर्माण से खगोलीय तथा मौसम सम्बन्धी सूचनाओं को नया आयाम मिलेगा। खासकर ज्योतिष विभाग को इससे फायदे होंगे। उन्होंने कहा कि नए निर्माण से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक क्षमता बढ़ेगी। डिजिटल लाइब्रेरी के अस्तित्व में आ जाने से देश दुनिया से यह विश्वविद्यालय जुड़ जाएगा और शोध कार्यो में इसका जबरदस्त फायदा होगा। डिजिटल लाइब्रेरी के शुरू होने से देश-विदेश के शैक्षणिक संसाधनों तक विश्वविद्यालय की पहुंच आसान होगी, जिससे शोध कार्यों को नई गति मिलेगी।

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. निशिकांत ने बताया कि सभी निर्माण कार्य राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा-2) से प्राप्त वित्तीय सहायता के तहत कराए जाएंगे।

शिलान्यास कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना सहायक परीक्षा नियंत्रक डॉ. ध्रुव मिश्र ने संपन्न कराई।

कुलसचिव डॉ. दिनेश झा ने बताया कि विश्वविद्यालय में पहली बार शोधार्थियों के लिए अलग छात्रावास की व्यवस्था की जा रही है, जिससे शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी।

शिलान्यास समारोह में पूर्व कुलसचिव एवं व्याकरण विभागाध्यक्ष प्रो. सुरेश्वर झा, विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी, स्नातकोत्तर विभागों के प्राध्यापक तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।

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