भरतपुर , फरवरी 20 -- राजस्थान में धौलपुर जिले के सरमथुरा क्षेत्र में गिरौनिया जंगलों में राज्य के पांचवें बाघ अभयारण्य क्षेत्र के रूप में विकसित किये जा रहे धौलपुर-करौली बाघ अभयारण्य में एक बाघ के दिखने के बाद वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गयी।
दूसरी ओर बाघ के आने से ग्रामीणों में हलचल तेज हो गयी है। इस क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को वन्यजीव संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। वहीं, प्रशासन और वन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाये हुए हैं, ताकि मानव और वन्यजीव के बीच किसी भी प्रकार का टकराव न हो।
वन विभाग के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि गिरौनिया के जंगलों से गुजर रहे ट्रैक्टर सवार ग्रामीणों ने जंगल किनारे खुले स्थान पर एक बाघ को धूप सेंकता हुआ देखकर उसका वीडियो भी बनाया। इसके बाद आसपास के लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की गयी है।
सूत्रों के मुताबिक सरमथुरा और आसपास के जंगलों में इन दिनों करीब छह बाघों की आवाजाही बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में धूप निकलने पर वन्यजीवों का खुले क्षेत्रों में दिखना सामान्य व्यवहार है, लेकिन इससे ग्रामीणों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
वन विभाग ने क्षेत्रवासियों से अनुरोध किया है कि वे जंगल क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें, अकेले न जायें और किसी भी वन्यजीव को उकसाने या उसके पास जाने की कोशिश न करें। विभाग ने यह भी कहा है कि यदि कहीं बाघ दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
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