श्रीनगर , जून 29 -- हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने श्रीनगर के बेमिना इलाके में इमामबाड़ा में धार्मिक सभा में जाने से पहले नजरबंद किए जाने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि शिया-सुन्नी एकता और हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों के प्रति साझा सम्मान के तौर पर आगा सैयद हादी के निमंत्रण पर मीरवाइज को इमामबाड़ा बेमिना में प्रवचन देना था। इस यात्रा का मकसद उनके महान बलिदान को श्रद्धांजलि देना और कर्बला से प्रेरित एकता, शांति और भाईचारे का संदेश फैलाना था। श्री मीरवाइज ने कहा कि उन्हें नजरबंद कर दिया गया है और सभा में शामिल होने से रोका गया है। उन्होंने कहा, "कश्मीर हमेशा से आपसी सम्मान, भाईचारे और धार्मिक सद्भाव की मिसाल रहा है।"उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब समाज कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना कर रहा है, एकता, संयम, आपसी सम्मान और एकजुटता पहले से कहीं अधिक जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी फूट डालने वाली ताकत को सांप्रदायिक सद्भाव और साथ मिलकर रहने के सदियों पुराने रिश्तों को कमजोर नहीं करने देना चाहिए, जो लंबे समय से कश्मीर के लोगों की पहचान रहे हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित