चम्पावत , जून 29 -- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को चम्पावत को विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए 164 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने 123.79 करोड़ रुपये की 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के साथ ही करीब छह करोड़ की लागत से स्थापित अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि चम्पावत को उत्तराखंड का मॉडल जिला बनाना उनका संकल्प है और राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने 27.79 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुई आठ विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 96 करोड़ रुपये की लागत से नौ नई योजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान लगभग 3.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित जिम कॉर्बेट ट्रेल का उद्घाटन तथा रोडवेज बस स्टेशन परिसर में बनने वाले आधुनिक सिटी सेंटर का भूमि पूजन भी किया। उन्होंने कहा कि लगभग 62.33 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स नगर की पार्किंग समस्या का समाधान करेगा और स्थानीय व्यापार को नई गति देगा।

श्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल भवन और सड़कें बनाना नहीं बल्कि ऐसा चम्पावत विकसित करना है जहां युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को समृद्धि और व्यापारियों को नए अवसर मिलें। उन्होंने बताया कि जिला में महिला प्रौद्योगिकी पार्क, आधुनिक पुस्तकालय, ज्ञान केंद्र, ओपन जिम, कृषि महाविद्यालय, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और आधुनिक साइंस सेंटर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विकास भी और विरासत भी" के मंत्र के अनुरूप मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और मां वाराही धाम का विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय चम्पावत में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत आईसीआईसीआई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के सहयोग से करीब छह करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि अब चम्पावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल और आसपास के सीमांत क्षेत्रों के लाखों लोगों को एमआरआई जांच के लिए हल्द्वानी या अन्य बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। मस्तिष्क, रीढ़, नसों, जोड़ों, कैंसर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की जांच अब स्थानीय स्तर पर ही संभव होगी, जिससे समय पर उपचार मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में करीब 40 करोड़ रुपये से अधिक की स्वास्थ्य परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। जिला चिकित्सालय में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का आधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाया जा रहा है, जबकि 11.71 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक डायग्नोस्टिक विंग, ऑपरेशन थिएटर और पार्किंग का निर्माण भी प्रगति पर है। अमोड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पूरा हो चुका है तथा पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी निशुल्क और कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न मंदिरों के पुजारियों, अर्धसैनिक बलों के जवानों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, शिक्षकों, उद्यमियों, टैक्सी यूनियन, बैंक कर्मियों, अधिवक्ताओं, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य वर्गों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने।

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