हरिद्वार , जुलाई 08 -- उत्तराखंड में हरिद्वार के प्रेमनगर आश्रम में आयोजित पूज्य मोरारी बापू की श्रीराम कथा के समापन समारोह में बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार देवभूमि को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि संतों का सान्निध्य और श्रीराम के आदर्श समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोरारी बापू ने वर्षों से श्रीराम कथा के माध्यम से भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश विश्वभर में पहुंचाया है। आज जब पूरी दुनिया युद्ध, हिंसा और आतंकवाद जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, तब भारत की सनातन संस्कृति का "वसुधैव कुटुम्बकम्" का संदेश पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। इसी कड़ी में उत्तराखंड में केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष धार्मिक पर्यटन और तीर्थ यात्राओं ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। चारधाम यात्रा में दो माह के भीतर 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। हेमकुंड साहिब यात्रा में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं, जबकि कैलाश मानसरोवर यात्रा में भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया है। उन्होंने कहा कि यह राज्य में विकसित हो रहे आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर यात्रा प्रबंधन और श्रद्धालुओं के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।

श्री धामी ने वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि सरकार "विकास भी और विरासत भी" के मंत्र पर कार्य कर रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में स्वामी चिदानंद सरस्वती, किरण चौधरी, स्वामी यतीश्वरानंद, सुनील सैनी, देशराज कर्णवाल सहित अनेक संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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