महराजगंज , अक्टूबर 15 -- स्थानीय नगर पंचायत चौक बाजार स्थित चौक छावनी में कृषि विभाग महराजगंज, कृषि विज्ञान केंद्र पीपीगंज (गोरखपुर) एवं अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में धान की सीधी बुवाई फसल के कटाई एवं उत्पादन का निरीक्षण किया गया।
उप कृषि निदेशक महराजगंज संजीव कुमार के निर्देशन में पहुंची कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों की संयुक्त टीम ने 10 जून को सीड्रिल मशीन से सीधी बुवाई कर तैयार की गई फसल की कटाई और थ्रेसिंग का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। 43.3 वर्ग मीटर क्षेत्र में कराई गई कटाई के बाद शुद्ध धान का वजन किया गया, जिसके आधार पर प्रति हेक्टेयर 95.70 कुंतल का रिकॉर्ड उत्पादन प्राप्त हुआ।
मौके पर मौजूद उप कृषि निदेशक संजीव कुमार ने बताया कि कृषि विभाग और 'इरी' द्वारा प्रोत्साहित की जा रही सीधी बुवाई विधि को किसानों का भारी समर्थन मिल रहा है। इस वर्ष बड़ी संख्या में किसानों ने इस तकनीक को अपनाया है। यह विधि न केवल श्रम और पानी की बचत कर खेती की लागत घटाती है, बल्कि बंपर पैदावार भी देती है। पूर्व में भी उत्कृष्ट धान उत्पादन के लिए किसान सम्मान प्राप्त हो चुका है।
अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (वाराणसी) के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. अजय पुंडीर ने कहा कि "धान की सीधी बुवाई किसानों के लिए संजीवनी के समान है।" उन्होंने बताया कि पारंपरिक रोपाई की तुलना में सीधी बुवाई से फसल 8 से 10 दिन पहले पककर तैयार हो जाती है। इससे किसानों को फसल अवशेष (पराली) प्रबंधन के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है और आगामी रबी फसलों की बुवाई भी समय पर संभव हो पाती है।
इस अवसर पर उप निदेशक कृषि संजीव कुमार, IRRI के वैज्ञानिक डॉ. अजय पुंडीर व डॉ. देव नारायण, कृषि विज्ञान केंद्र पीपीगंज के फसल विशेषज्ञ अवनीश कुमार सिंह, मिठौरा ब्लॉक के कृषि सहायक विवेक शर्मा, लेखपाल सुनील कुमार सहित स्थानीय किसान अभिमन्यु वर्मा, सुमित सिंह, धर्मवीर एवं दर्जनों अन्य कृषक उपस्थित रहे।
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