पटना , फरवरी 23 -- बिहार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेशी सिंह ने सोमवार को कहा कि "धान अधिप्राप्ति की अवधि बढ़ाए जाने से अधिक से अधिक किसानों को अपना धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने का अवसर मिलेगा। बिहार के किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारत सरकार ने राज्य में धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि का विस्तार कर दिया है।

श्रीमती लेशी सिंह ने 16 फ़रवरी को केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर "खरीफ विपणन मौसम 2025-26" के तहत बिहार में धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया था।

मंत्री लेशी सिंह के अनुरोध को स्वीकार करते हुए भारत सरकार ने बिहार में धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि 28-02-2026 से विस्तारित कर 31-03-2026 तक करने की स्वीकृति प्रदान की है।

इस संबंध में मंत्री श्रीमती लेशी सिंह ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "धान अधिप्राप्ति की अवधि बढ़ाए जाने से अधिक से अधिक किसानों को अपना धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने का अवसर मिलेगा। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक पात्र किसान को इसका लाभ मिले।"मंत्री लेशी सिंह ने इस निर्णय के लिए भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया तथा अधिकारियों को अधिप्राप्ति प्रक्रिया को सुचारु एवं पारदर्शी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

"खरीफ विपणन मौसम 2025-26" अन्तर्गत प्रदत लक्ष्य 36.85 लाख मे.टन के विरूद्ध अब तक 6879 समितियों के माध्यम से 4.28 लाख किसानों से 29.22 लाख मे.टन धान की अधिप्राप्ति की गई है, जो कि कुल लक्ष्य का 79.30 प्रतिशत है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में 6400 करोड़ रूपये का भुगतान उनके खाते में किया जा चुका है।

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