अलवर , अगस्त 11 -- राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार नायक ने कहा है कि विदेशी धन के जरिए कुछ ईसाई मिशनरी संगठन कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर धर्म परिवर्तन का काम कर रही हैं।
श्री नायक ने मंगलवार को राजस्थान में अलवर के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) से जुड़ा बिल जरूर आना चाहिए क्योंकि प्रलोभन देकर कमजोर वर्गों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है और इसके जरिए सनातन की जड़ों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि जब यह भारत का आंतरिक विषय है तो अमरीका और ईसाई मिशनरियों की ओर से इसका विरोध क्यों किया जा रहा है। श्री नायक ने कहा कि पंजाब में ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्म परिवर्तन कराए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं और राजस्थान के श्रीगंगानगर क्षेत्र में भी इस तरह की गतिविधियां हो रही हैं। ऐसे प्रयासों के जरिए समाज को बांटने और आपस में लड़वाने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एफसीआरए को लेकर शिकंजा कसा जा रहा है और ऐसी किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। देश के सभी वर्गों को राष्ट्र निर्माण में सहयोग करना चाहिए और समाज को बांटने वाली गतिविधियों से सावधान रहना चाहिए।
प्रेसवार्ता में श्री नायक ने अनुसूचित जाति वर्ग के आर्थिक विकास को लेकर आयोग की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग की ओर से करीब 200 लोगों को रिण दिलाने में मदद की गई है। हालांकि उन्होंने बैंकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की ओर से अनुदान दिया जा रहा है और सरकार इसकी जिम्मेदारी ले रही है, इसके बावजूद बैंक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को पर्याप्त ऋण नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस मामले में बैंक अधिकारियों और बड़ी बैंक यूनियनों के पदाधिकारियों से बातचीत की गई है। अनुसूचित वर्ग के लोगों को आसानी से ऋण उपलब्ध कराया जाए तो वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। व्यवसाय के जरिए उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
राजेंद्र कुमार नायक ने कहा कि आयोग अब दलित बस्तियों तक पहुंचकर वहां के लोगों की समस्याएं सुनेगा। इसके लिए जल्द ही विशेष कार्यक्रम तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
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