नयी दिल्ली , जुलाई 22 -- कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रश्न-पत्र लीक मामले पर मोदी सरकार के खिलाफ अपना अभियान जारी रखते हुए बुधवार को कहा कि पिछले 10 साल में देश भर में ऐसे 152 मामले सामने आये हैं, लेकिन अब तक एक भी मामले में किसी को सजा नहीं हुई है।
श्री गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय पर इस विषय में आयोजित एक विशेष संवाददाता सम्मेलन में कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जायज है। उन्होंने कहा कि देश में विद्यार्थियों के लिए परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रश्न-पत्रों के लीक होने के मामलों से लगभग 7.5 करोड़ परिवार प्रभावित हुए हैं।
लोक सभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि केंद्र का शिक्षा बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये का है, जबकि विद्यार्थी नीट परीक्षा के लिए अपने परिवार के पैसे से 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की शुद्धता बनाये रखने में नाकाम रही है और लाखाें युवाओं का भविषय अंधेरे में डाल दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्री प्रधान शिक्षा मंत्री के तौर पर पूरी तरह असफल साबित हुए हैं और उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है, ऐसे में उनका इस्तीफा होना चाहिए। कांग्रेस नेता ने सोमवार को राजधानी में युवाओं के प्रदर्शन पर पुलिस की कार्यवाही को बर्बरता बताते हुए उन्होंने वीडियो प्रोजेक्टर पर कुछ तस्वीरें और वीडियो दिखाये और कहा कि इसके जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विद्यार्थियों से माफी मांगें।
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