पटना, जुलाई 25 -- ारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भारत के छात्रों और युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक जीत है। श्री पाण्डेय ने आज बयान जारी कर कहा कि यह लोकतांत्रिक जवाबदेही का एक दुर्लभ क्षण है, जो किसी अहंकारी सरकार की सद्भावना से नहीं, बल्कि देश भर के छात्रों और युवाओं के लगातार संघर्ष से हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के अहंकार को हराया है और मोदी-शाह सरकार को अपनी विफलताओं के लिए जवाब देने पर मजबूर किया है।
भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए, विरोध कर रहे छात्रों पर दिल्ली, पटना, बेगूसराय, दरभंगा, गया, कटिहार, जहानाबाद सहित देश के अनेक स्थानों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस छोड़ी गई और सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दमनकारी कार्रवाई की। इसके बाद भी, छात्रों और युवाओं ने इस बर्बरता के सामने असाधारण साहस और निडरता का परिचय दिया। वे डरे नहीं और दृढ़ संकल्प के साथ अपना संघर्ष जारी रखा। उन्होंनेआंदोलनकारी छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी तत्काल वापस लेने तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई के लिए सरकार से बिना शर्त माफी की मांग दोहराई।
श्री पाण्डेय ने कहा कि सालों से हो रहे पेपर लीक, अंधाधुंध निजीकरण, अत्यधिक केंद्रीकरण और सार्वजनिक शिक्षा को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने की नीतियों ने शिक्षा क्षेत्र को गहरे संकट में धकेल दिया है। उन्होंने नीट प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रणाली की विफलताओं से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि छात्र-युवाओं की यह जीत उनके संगठन, एकता, साहस और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।
भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि छात्र-युवाओं की यह जीत उनके संगठन, एकता, साहस और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।उन्होंने कहा कि सभी के लिए सुलभ, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक शिक्षा सुनिश्चित करने तथा युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था बनाने के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
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