पटना. , जुलाई 25 -- बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान के त्यागपत्र के बाद कहा कि यह इस्तीफा एक झांकी है, असली न्याय की लड़ाई तो अभी बाकी है।
श्री राम ने कहा कि नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक, सीबीएसई परीक्षा में अनियमितता और देश में लीक प्रूफ परीक्षा प्रणाली और बेहतर शिक्षा की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों और देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रयासों से विवश होकर केंद्र की मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री ने अंततः इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि श्री प्रधान का इस्तीफा लड़ाई का सिर्फ एक पड़ाव है और असली संघर्ष अभी बाकी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री राम ने कहा कि 22 नीट अभ्यर्थियों को आत्महत्या के लिए विवश करने वाली यह सरकार लगातार पेपर लीक के मुद्दे पर मौन धारण किए रही और छात्रों की वाजिब मांगों को लगातार दरकिनार करती रही। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के नेतृत्व वाली सरकार ने रोजगार और शिक्षा के मामले में छात्रों की हकमारी की है। इसके बाद पीड़ित छात्रों ने बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए आंदोलन किया और उसे देश के नेता प्रतिपक्ष ने व्यापक फ़लक प्रदान किया। साथ ही सदन में वह सरकार को लगातार घेरते हुए छात्रों के वाजिब मुद्दों पर हमलावर रहें। उन्होंने कहा कि बिहार के छात्रों ने देश के इस वाजिब मांग पर व्यापक समर्थन दिया जिससे इस आन्दोलन को आंशिक सफलता प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि अभी एक मांग पूरी हुई है और कई मांगे अभी बाकी हैं, जिनमें परीक्षाओं को लेकर जवाबदेही और सारे मुकदमें वापस लेना शामिल है।
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