वाराणसी , अगस्त 14 -- धार्मिक नगरी काशी में धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के 119वें प्राकट्योत्सव की पूर्व संध्या पर दुर्गाकुंड स्थित श्रीधर्मसंघ शिक्षा मंडल (श्रीमणि मंदिर) परिसर में गुरुवार शाम को करपात्र दीपावली मनाई गई। इस अवसर पर एक साथ 43,435 दीप प्रज्ज्वलित किए गए, जिससे पूरा परिसर दीपों की रोशनी से आलोकित हो उठा।

सप्ताहव्यापी करपात्र प्राकट्योत्सव के तीसरे दिन धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज तथा पंडित जगजीतन पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रथम दीप प्रज्ज्वलित किया। इसके बाद वैदिक आचार्यों और बटुकों ने पूरे परिसर में दीप जलाए। मंदिर के बाहर स्थित बाग में पांच हजार दीपों की दीपमालिका भी सजाई गई।

मंदिर के मुख्य द्वार, करपात्री प्रतिमा, सभागार, महाराज निवास, अन्नपूर्णा भोजन भंडार, गौशाला, अतिथि गृह तथा कार्यालय सहित पूरे परिसर को विद्युत झालरों, पुष्प सज्जा और दीपमालाओं से आकर्षक ढंग से सजाया गया। स्वास्तिक, ॐ, त्रिशूल और कमल जैसे सनातन धर्म के प्रतीक चिह्न दीपों और पुष्पों से उकेरे गए, जिन्होंने श्रद्धालुओं का विशेष आकर्षण केंद्र बने। इस अवसर पर फूलों की भव्य रंगोली भी सजाई गई।

स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज ने कहा कि धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज का व्यक्तित्व और कृतित्व सनातन धर्म के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि करपात्र प्राकट्य दिवस की पूर्व संध्या पर उनके अवतरण वर्ष के अनुरूप दीपदान कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने की परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है।

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