बैतूल , जून 08 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों को लेकर हुए धरना-प्रदर्शन का मामला प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेंद्र तिवारी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जिला कलेक्टर संजय सोनवाने को पत्र लिखकर दी है और आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार ताप्ती वार्ड की पार्षद एवं सभापति निर्मला उबनारे ने गत शुक्रवार को महिलाओं के साथ नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया था। उनका आरोप था कि उनके वार्ड के साथ विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है तथा सड़क निर्माण सहित अन्य आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। बताया गया है कि इसी मांग को लेकर उन्होंने सीएमओ कक्ष में धरना शुरू किया, जो लगभग चार घंटे तक चला।
सीएमओ वीरेंद्र तिवारी द्वारा कलेक्टर को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि धरना-प्रदर्शन के कारण नगर पालिका कार्यालय का नियमित कामकाज प्रभावित हुआ। पत्र के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों को सीएमओ कक्ष में प्रवेश करने से रोका गया, जिससे कई प्रशासनिक और शासकीय कार्य समय पर नहीं हो सके।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि धरना-प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। साथ ही कार्यालय परिसर में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किए जाने से कार्यालयीन वातावरण प्रभावित हुआ। सीएमओ ने इसे शासकीय कार्यों में व्यवधान की स्थिति बताते हुए मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
सीएमओ ने कलेक्टर को पत्र भेजे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि कार्यालयीन कार्य प्रभावित होने संबंधी सभी तथ्यों से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद मुलताई में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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