भोपाल , अगस्त 13 -- मध्यप्रदेश में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रदेश के 34 हजार 163 दूरस्थ घरों, मजरों और टोलों में रहने वाले परिवारों को स्थायी बिजली कनेक्शन देकर रोशन किया गया है।
श्री तोमर ने बताया कि पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में 19 हजार 630, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में 980 और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में 4 हजार 732 घरों को बिजली से जोड़ा गया है।
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत मालवा-निमाड़ के अत्यंत दूरस्थ क्षेत्रों में नदी और पहाड़ों के समीप बसे पांच-सात घरों वाले मजरों और टोलों तक भी स्थायी बिजली पहुंचाने का अभियान चलाया गया है।
उन्होंने बताया कि इंदौर जिले के महू बिजली संभाग क्षेत्र के दूरस्थ इलाकों में नदी और पहाड़ी क्षेत्रों के समीप 85 घरों, मजरों और टोलों को बिजली से जोड़ा गया है। धार में 1785, झाबुआ में 2159, आलीराजपुर में 2215, खंडवा में 1501, खरगोन में 3529, बड़वानी में 5781 और बुरहानपुर में 705 घरों में बिजली संबंधी कार्य पूर्ण कर लाभान्वित किया जा चुका है।
इसी तरह उज्जैन जिले के 52, शाजापुर के 10, रतलाम जिले के बाजना, रावटी और सैलाना क्षेत्रों के दूरस्थ मजरों और फलियों के 1151 तथा देवास जिले के दूरस्थ मजरों और टोलों के 1230 घरों में बिजली की व्यवस्था की गई है। अब तक मालवा-निमाड़ के करीब 20 हजार परिवारों को स्थायी बिजली कनेक्शन दिया जा चुका है।
योजना के तहत 1300 किलोमीटर 11 केवी लाइन, दो हजार से अधिक ट्रांसफार्मर और 2423 किलोमीटर निम्नदाब लाइन के कार्यों को मंजूरी दी गई थी। इनमें से करीब दो तिहाई कार्य पूर्ण हो चुके हैं।
श्री सिंह ने बताया कि भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार इंदौर और उज्जैन के मुख्य अभियंताओं की निगरानी में दूरस्थ क्षेत्रों में बसे जनजातीय परिवारों का सर्वे कराया गया। इसके बाद प्रत्येक जनजातीय परिवार की बसाहट तक पहुंचकर बिजली संबंधी कार्य किए गए हैं। शेष कार्य आगामी तीन माह में पूरा करने का लक्ष्य है।
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