हैदराबाद , सितंबर 16 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार को विधानसभा में पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीआरएस नेताओं, रिश्तेदारों और सहयोगियों ने पिछले शासनकाल के दौरान धरणी भूमि रिकॉर्ड प्रणाली का दुरुपयोग कर कम से कम एक लाख करोड़ रुपये मूल्य की जमीनों और संपत्तियों की कथित तौर पर "लूट" की है और इस कांड की जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) करेगा।

पंजीकरण अधिनियम की धारा 22ए से जुड़े मुद्दों पर सदन में हुई अल्पकालिक चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार विभिन्न श्रेणियों की जमीनों में हुई सभी कथित गड़बड़ियों की गहन जांच कराएगी। उन्होंने बताया कि सदन में मंत्रियों, सदस्यों और विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए सभी भूमि-संबंधित मामलों को जांच के लिए गठित एसईटी को सौंपा जाएगा।

श्री रेड्डी ने आरोप लगाया कि बीआरएस नेताओं और उनके सहयोगियों ने धरणी पोर्टल में हेरफेर करके प्रतिबंधित और सरकारी जमीनों को निजी पट्टा जमीनों में बदला और उन्हें व्यक्तियों तथा निजी कंपनियों के नाम स्थानांतरित कर दिया। उन्होंने मिसाल देते हुए दावा किया कि राजन्ना सिरसिला जिले में 2016 से 2023 के बीच लगभग 8,000 एकड़ सरकारी और सीलिंग में आई जमीनों को निजी व्यक्तियों को सौंप दिया गया। हालांकि, बाद में राजस्व अधिकारियों ने गड़बड़ियों की पहचान कर 2,400 एकड़ से अधिक जमीन को पुनः प्रतिबंधित सूची में डाला और सात मामले दर्ज किए।

मुख्यमंत्री ने पूर्व मंत्री के.टी. रामा राव, टी. हरीश राव और अन्य बीआरएस नेताओं पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के पास इन सभी संदिग्ध लेनदेन के आधिकारिक दस्तावेज मौजूद हैं।

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