धमतरी , जून 15 -- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में खरीफ सीजन के मद्देनजर उर्वरकों की कालाबाजारी और अनियमित बिक्री पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कई उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच के दौरान अधिक कीमत वसूली, कम्प्यूटरीकृत बिल जारी नहीं करने तथा स्टॉक संबंधी अनियमितताएं पाए जाने पर तीन प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि बड़ी मात्रा में खाद जब्त की गई है, जिसकी जानकारी आज कृषि विभाग ने दी ।

कृषि विभाग की टीम ने विभिन्न विकासखंडों में उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। मगरलोड विकासखंड के करेली छोटी स्थित वंदना खाद भंडार में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बिक्री तथा किसानों को कम्प्यूटरीकृत बिल नहीं दिए जाने की शिकायत जांच में सही पाई गई। अनियमितता की पुष्टि होने पर प्रतिष्ठान का उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया तथा वहां उपलब्ध 859 बोरी रासायनिक उर्वरक जब्त कर लिया गया। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इसी प्रकार नगरी विकासखंड के बेलरगांव स्थित पवार ट्रेडर्स से 600 बोरी तथा जय किसान ट्रेडर्स से 100 बोरी जैविक खाद जब्त की गई। दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

कुरूद विकासखंड में चण्डी ट्रेडर्स और किसान ट्रेडर्स के निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा दोनों प्रतिष्ठानों में मूल्य सूची और उपलब्ध उर्वरकों की जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई थी। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए दोनों दुकानों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।

कृषि विभाग की लगातार कार्रवाई से उर्वरक कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने किसानों से उर्वरक खरीदते समय अनिवार्य रूप से पक्का बिल लेने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को देने की अपील की है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित