बैतूल , अगस्त 07 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र में धनिया के दाम गिरकर एक रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच जाने से किसान संकट में आ गए हैं। लागत मूल्य भी नहीं निकलने की स्थिति में अनेक किसानों ने तैयार फसल की कटाई कराने के बजाय खेतों में ही उस पर कल्टीवेटर चलाकर नष्ट करना शुरू कर दिया है।

किसानों के अनुसार मुलताई क्षेत्र के डोनी, सिपावा, बरखेड़ा, मोहित सहित कई गांवों में सैकड़ों एकड़ में तैयार धनिया की फसल खेतों में ही नष्ट की जा रही है। उनका कहना है कि वर्तमान बाजार भाव पर फसल बेचने से कटाई, मजदूरी, पैकिंग और परिवहन का खर्च भी नहीं निकल पा रहा है।

सिपावा गांव के किसान रमेश पवार, भूपेंद्र पवार सहित अन्य किसानों ने बताया कि बुवाई, सिंचाई, खाद, दवाइयों और अन्य कृषि कार्यों पर प्रति एकड़ हजारों रुपये खर्च किए गए, लेकिन मंडी में बेहद कम दाम मिलने से पूरी लागत डूबने की स्थिति बन गई है।

किसानों का कहना है कि इस वर्ष धनिया का उत्पादन अच्छा हुआ, लेकिन बाजार में अधिक आवक और कम कीमत के कारण उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। ऐसे में फसल मंडी तक ले जाने पर नुकसान और बढ़ जाएगा।

किसानों ने सरकार से धनिया के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी व्यवस्था लागू करने अथवा बाजार हस्तक्षेप कर कीमतों को स्थिर रखने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसान नकदी फसलों की खेती से विमुख हो सकते हैं।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन अधिक होने और मांग अपेक्षाकृत कम रहने से बाजार भाव प्रभावित होते हैं। ऐसी स्थिति में किसानों को राहत देने के लिए मूल्य समर्थन, भंडारण और बाजार हस्तक्षेप जैसी व्यवस्थाएं उपयोगी साबित हो सकती हैं।

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