रांची , अक्टूबर 09 -- झारखंड के धनबाद के स्टीलगेट दुर्गा पूजा पंडाल में इस वर्ष श्रद्धालुओं को आदिवासी संस्कृति, पर्यावरण-अनुकूल कलाकृति और आकर्षक विद्युत सज्जा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। पूजा समिति ने इस बार पारंपरिक सजावट से हटकर एक विशेष थीम तैयार की है, जो दर्शनार्थियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेगी।

पंडाल के भीतर अंडमान-निकोबार की जनजातीय संस्कृति, रहन-सहन, जीवनशैली और पारंपरिक घरों की सजावट को खूबसूरती से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को वहां की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।

इस बार मां दुर्गा की प्रतिमा भी अपनी विशिष्ट बनावट के कारण आकर्षण का केंद्र होगी। प्रतिमा का निर्माण पालों, सब्जियों और अलसी सहित विभिन्न प्रकार के बीजों का इस्तेमाल कर पर्यावरण-अनुकूल तरीके से किया जा रहा है। इसे मेदिनीपुर के कांथी निवासी मूर्तिकार रतन मंडल तैयार कर रहे हैं।

वहीं, पंडाल और उसकी कलात्मक सजावट की जिम्मेदारी प्रसिद्ध खोखन एंड कंपनी को सौंपी गई है। आयोजन की भव्यता को और बढ़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के चंदननगर से विशेष विद्युत एवं प्रकाश सज्जा की व्यवस्था की गई है। आकर्षक रोशनी से सजा पंडाल पूजा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनेगा।

पूजा समिति के कार्यकारी अध्यक्ष गोकुल चंद्र मंडल और सचिव तपन कुमार मंडल ने संयुक्त रूप से कहा कि इस वर्ष की अनूठी थीम, पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमा और भव्य प्रकाश सज्जा श्रद्धालुओं को एक अलग अनुभव प्रदान करेगी। उन्होंने धनबादवासियों सहित सभी श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन करने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की।

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