रांची , अप्रैल 24 -- झारखंड के धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड अंतर्गत सोनारडीह ओपी क्षेत्र की टंडाबाड़ी बस्ती में गुरुवार रात एक बार फिर भयावह भू-धंसान की घटना सामने आई।
तेज धमाके के साथ अचानक जमीन धंसने से करीब 10 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के दौरान 5 लोग मलबे में दब गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से तत्काल बाहर निकाल लिया गया। इनमें से एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए धनबाद के असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं आज गुस्साए ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्षों से हो रहे कोयला उत्खनन के कारण जमीन अंदर से खोखली हो गई है, जिससे बार-बार भू-धंसान की घटनाएं हो रही हैं। विरोध में ग्रामीणों ने चास-राजगंज फोरलेन सड़क को जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। अंचल अधिकारी गिरिजानंद किस्कू ने बताया कि वे बीसीसीएल अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का आकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, जिसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। पुलिस के पहुंचने के बाद घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। घायलों की सटीक संख्या की पुष्टि अभी की जा रही है।
ज्ञातव्य है कि इसी बस्ती में 31 मार्च 2026 को भी बड़ा भू-धंसान हुआ था, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई थी। इसके अलावा बुधवार सुबह भी जमीन करीब चार फीट तक धंस गई थी, हालांकि उस समय कोई हताहत नहीं हुआ था।
लगातार हो रही इन घटनाओं से इलाके के लोगों में भय और गुस्सा दोनों बढ़ता जा रहा है। स्थानीय निवासी सुरक्षा के ठोस इंतजाम और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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