अलवर , सितम्बर 04 -- पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को यहां मुंडावर के पूर्व विधायक महेंद्र शास्त्री के निवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
महेंद्र शास्त्री का 27 अगस्त को निधन हो गया था। श्री धनखड़ ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात करके अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और परिवार के सदस्यों से उनके निधन की जानकारी भी ली। इस दौरान उन्होंने श्री शास्त्री के साथ अपने पांच दशक से अधिक पुराने आत्मीय संबंधों को याद किया।
श्री धनखड़ ने बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि महेंद्र शास्त्री जीवन के अंतिम पड़ाव तक सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। उन्होंने राजस्थान में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने और सहकारी बैंकों के बेहतर संचालन में महेंद्र शास्त्री और नत्थी सिंह जैसे नेताओं के योगदान को ऐतिहासिक बताया।
श्री धनखड़ ने जाट समुदाय सहित पांच अन्य जातियों को राजस्थान और केंद्र में पिछड़े वर्गों को आरक्षण दिलाने के लिए चले आंदोलन को भी याद किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण, अहिंसक और सफल रहा और सामाजिक समरसता की दिशा में इसका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
श्री धनखड़ ने कहा कि सहकारिता का विचार अब देश में व्यापक रूप ले चुका है और भारतीय संविधान में भी सहकारिता को स्थान मिला है। केंद्र सरकार में अलग से सहकारिता मंत्रालय का गठन भी इसी सोच की व्यापकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस पूरी यात्रा की नींव मजबूत करने में महेंद्र शास्त्री जैसे नेताओं का निष्ठापूर्ण योगदान रहा है। समाज श्री शास्त्री को सहकारिता भाव, जनसेवा और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए हमेशा याद रखेगा।
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