चेन्नई , मार्च 17 -- तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने मंगलवार को 'तमिलगा वेत्री कषगम' (टीवीके) के नेता आधव अर्जुना की उन टिप्पणियों का खंडन किया, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने कथित तौर पर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की ओर से डाले गए दबाव के कारण राजनीति में आने के अपने फैसले को वापस ले लिया था।
अभिनेता ने यहाँ जारी एक बयान में दार्शनिक अंदाज में कहा, "समय बोलेगा नहीं... बल्कि इंतजार करेगा और जवाब देगा।" उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि पार्टी में एक महत्वपूर्ण पद धारण करने वाले आधव अर्जुना ने उनके बारे में 'झूठे बयान' दिए हैं।
श्री रजनीकांत ने उन्होंने उन दावों को दृढ़ता से खारिज कर दिया कि राजनीति से दूर रहने के उनके फैसले को किसी राजनीतिक दबाव ने प्रभावित किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये टिप्पणियां निराधार और सच्चाई से कोसों दूर हैं।
श्री अर्जुना की टिप्पणियों के बाद यह मुद्दा तमिलनाडु में चर्चा का विषय बन गया था। राजनीतिक हस्तियों से लेकर फिल्मी हस्तियों और प्रशंसकों ने चिंताएं जाहिर की थी।
अभिनेता ने उनके साथ खड़े होने और इन टिप्पणियों की निंदा करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, फिल्म उद्योग के सदस्यों, मीडिया पेशेवरों और अपने प्रशंसकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के एडप्पादी के. पलानीस्वामी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नैनार नागेंद्रन, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन, वीसीके नेता थोल तिरुमावलवन, वरिष्ठ अन्नाद्रमुक नेता एस. पी. वेलुमणि, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई, पीएमके नेता अंबुमणि रामदास और टीएमसी के जी. के. वासन सहित अन्य सभी नेताओं को धन्यवाद दिया।
श्री रजनीकांत ने फिल्म बिरादरी के सदस्यों और पत्रकारों द्वारा दिए गए समर्थन को भी स्वीकार किया और कहा कि उनकी एकजुटता ने इस विवाद के दौरान उन्हें ताकत दी। उन्होंने अपने प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करते हुए उन्हें 'देवता बताया जो उन्हें जीवित रखते हैं'।
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