नयी दिल्ली , जुलाई 16 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिल्ली जल बोर्ड में कथित 2,000 करोड़ रुपये के इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्ज घोटाले को लेकर जल बोर्ड मंत्री प्रवेश वर्मा के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भवनों के नक्शे इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्ज लिए बिना ही पास किये गये, जिससे दिल्ली जल बोर्ड को लगभग 2,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।

श्री देवेन्द्र यादव ने आरोप लगाया कि इस कथित घोटाले में बिल्डर माफिया, संबंधित अधिकारियों तथा आम आदमी पार्टी और भाजपा के प्रभावशाली नेताओं के गठजोड़ की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सीबीआई से समयबद्ध और व्यापक जांच करायी जाये तथा पिछले 12 वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्ज से जुड़े सभी मामलों की भी जांच के दायरे में लाया जाये।

उन्होंने कहा कि आंतरिक जांच में यह सामने आया है कि 3,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली लगभग 70 प्रतिशत बड़ी संपत्तियों से अनिवार्य विकास शुल्क नहीं लिया गया, जबकि बिना शुल्क जमा किए जल बोर्ड की एनओसी और एमसीडी से भवन निर्माण की मंजूरी मिलना संभव नहीं है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले 10-12 वर्षों में दिल्ली सरकार और नगर निगम में सत्ता में रही पार्टियों के गठजोड़ के कारण विकास के लिए उपयोग होने वाला राजस्व प्रभावित हुआ। उनका कहना था कि यदि यह राशि वसूली जाती तो जलापूर्ति, स्वच्छता और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर खर्च कर दिल्लीवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सकती थीं।

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