देहरादून , मार्च 25 -- उत्तराखंड देहरादून में बुधवार को प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) जवानों ने अपनी मांगों दो सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हाथीबड़कला में बेरीकेटिंग लगाकर रोक दिया।

इस दौरान पीआरडी जवानों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संगठन के प्रदेश संयोजक प्रमोद मंद्रवाल ने कहा कि वह वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो समान काम के लिए समान वेतन मिल रहा है और न ही पूरे साल यानी 365 दिनों का रोजगार दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है, जिसके चलते अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि वह सरकारी कार्यों में लगातार योगदान देते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्थायी रोजगार और उचित वेतन से वंचित रखा गया है।

उन्होंने कहा कि प्रांतीय रक्षक दल उत्तराखंड के जवानों ने फिजिकल परसों में पत्राचार के माध्यम से विभाग को अवगत कराया है कि जवानों को वर्ष में 365 दोनों का रोजगार नहीं मिल रहा है।

जवानों की समस्या आज इस कदर हो गई है कि परिवार का पालन पोषण करने में सक्षम नहीं है। पीआरडी के जवानों को आपातकाल स्थिति जैसे सुरक्षाकर्मी, पुलिस थाना ,चौकी, ट्रैफिक, चार धाम यात्रा कुंभ मेला ड्यूटी, चुनाव ड्यूटी के अलावा अनु सेवकों कंप्यूटर ऑपरेटर वाहन चालक आदि विभिन्न विभागों में तैनात किया गया है, लेकिन पिछले कई वर्षों में उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।

पीआरडी के जवानों ने होमगार्ड के तर्ज पर मूल वेतन के साथ डीए लागू किए जाने और वर्ष भर में 365 दिन का नियमित रोजगार दिए जाने की मांग उठाई है। अपनी मांगू को लेकर क्रांति रक्षक दल हित संगठन ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किया है।

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