अलवर , मई 07 -- राजस्थान में अलवर जिले के गोबिंदगढ़ थाने में बुधवार रात 100 से अधिक लोगों ने हमला करके पुलिस हिरासत से दो युवकों को छुड़ाने के प्रयास में जमकर पथराव किया, जिससे थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गये।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब 12 बजे गोविंदगढ़ में भाटडा सिख समाज के दो युवक अपनी बुलेट गाड़ी से फटाका फोड़ रहे थे, जिसका विरोध वहां के लोगों ने किया, लेकिन वे नहीं माने। जहां ये पटाखा फोड़ रहे थे, वह जगह थाने से थोड़ी सी ही दूरी पर है। पुलिस को सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी बलवीर मौके पर गया। उन्होंने उन लड़कों समझाया, लेकिन वे नहीं माने और पुलिसकर्मी से उलझ गये। उन्होंने उसकी वर्दी पकड़ ली।

सू्त्रों ने बताया कि इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पुलिस उन दोनों युवकों को पकड़कर थाने ले आई। इतने में कुछ लोग उनको छुड़ाने के लिए आये और एक आरोपी को छुडा ले गये जबकि एक काे पुलिस ने बैरक में बंद कर दिया। बैरक में बंद करने के बाद थाने पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने थाना प्रभारी धर्म सिंह को इसकी सूचना दी। धर्म सिंह जब तक थाने आते, उससे पहले ही सैकड़ों लोगों की भीड़ थाने पहुंची और दूसरे आरोपी को बैरक से छुड़ाने का प्रयास किया।

सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने उन पर लाठियां भी बरसाईं और उनको थाने से खदेड़ने की कोशिश की। उपद्रवियों ने थाने के पास ही चल रहे निर्माण कार्य के दौरान वहां रखीं ईंटों का उपयोग करते हुए थाने पर जबरदस्त पथराव शुरू कर दिया। पथराव से एक ईंट थाना प्रभारी के मुंह पर जाकर लगी, जिससे उनके गंभीर चोट आई और वह खून से लथपथ हो गये।

इसके बाद पुलिस ने वहां लाठीचार्ज करके उपद्रवियों को भगाने की कोशिश की। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए तुरंत ही अलवर अधिकारियों को सूचित किया गया। अलवर से पुलिस 10 से अधिक थानों की पुलिस और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रियंका रघुवंशी अलवर से रवाना हुए और गोविंदगढ़ पहुंचने के बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए करीब 20 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया।

उधर धर्म सिंह सहित कई पुलिस कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गये। हमलावरों ने सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया । थाना प्रभारी के आठ टांके आये हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रियंका रघुवंशी और अन्य अधिकारी भी गोविंदगढ़ थाना पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में किया।

ग्रामीणों ने बताया कि ये लोग इसी तरह परेशान करते हैं। रात्रि में मोटर साइकिलों से निकलते हैं और बुलेट का साइलेंसर के द्वारा पटाखा फोड़ते हैं, जिससे आम लोगों को परेशान होती है।

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