चेन्नई , फरवरी 15 -- चेन्नई के अन्ना शताब्दी पुस्तकालय में दो दिवसीय भारतीय पुस्तकालय कांग्रेस (आईएलसी) का आयोजन सोमवार से किया जाएगा।
तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे और द्रमुक की लोकसभा सांसद सुश्री कनिमोझी मुख्य भाषण देंगी। उद्घाटन समारोह में मंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधि सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना पढ़ेंगे।
इस कार्यक्रम में सांसद आर. गिरिराजन, सांसद सलमा, सांसद सु. वेंकटेशन, सांसद सचितानंदम, सांसद डॉ. वी. सिवादासन, एस. जयंती, बी. चंद्रमोहन, कामची, एल. हनुमंतय्या, पूर्व सांसद, उमा महादेवन, पुष्पावती पोइप्पाडथ, इराई अंबु, प्रभजोत कौर, प्रो. वी. चंद्रकुमार, शशि कुमार, भास्कर शक्ति, न्यायमूर्ति के. चंद्रू, मिनी कृष्णन, कविता मुरलीधरन, पी. साईनाथ, मृदुला कोशी, जी. सेल्वा और अन्य लोग शामिल होंगे।
आईएलसी पुस्तकालयों को सशक्त बनाने के लिए काम करता है ताकि वे सभी लोगों के लिए सुलभ सार्वजनिक स्थान बन सकें। आईएलसी द्वारा रविवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पुस्तकालय समावेशी स्थान बनना चाहिए जहां कोई भी प्रवेश कर सके और सहज महसूस करे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में प्रौद्योगिकी में हो रही प्रगति से लोगों के ज्ञान प्राप्त करने के तरीके बदल रहे हैं और पुस्तकालयों को इन परिवर्तनों के प्रति रचनात्मक होना चाहिए। उन्हें ऐसे केंद्रों के रूप में विकसित होना चाहिए जहां हर कोई नई तकनीकों का उपयोग करना सीख सके, और सीखने, साझा करने एवं नवाचार के केंद्र के रूप में कार्यइस वर्ष के आईएलसी में ज्ञान अर्थव्यवस्था में हो रहे परिवर्तनों पर चर्चा की जाएगी, विभिन्न राज्यों के अनुभवों को साझा किया जाएगा और पुस्तकालयों को अधिक जीवंत, लोकतांत्रिक एवं जन-हितैषी सार्वजनिक स्थान बनाने के लिए विचारों को विकसित किया जाएगा।
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