चंडीगढ़ , अक्टूबर 22 -- पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के तहत नशा मुक्तिमोर्चा (एनएमएम) ने दोआबा क्षेत्र में नशे से जुड़े 150 संवेदनशील ठिकानों पर अपने सदस्यों को तैनात किया है।

इसका उद्देश्य इन स्थानों पर निगरानी बढ़ाना और नशे से जुड़ी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस के साथ समन्वय मजबूत करना है।

सरकारी प्रवक्ता ने गुरुवार को यहां जारी एक बयान में बताया कि मोर्चा के सदस्यों को जालंधर शहरी, जालंधर ग्रामीण, कपूरथला, नवांशहर और होशियारपुर में संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) के साथ बैठकों के बाद इस अभियान में शामिल किया गया है। सदस्य पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर चिह्नित स्थानों की स्थिति का जायजा लेंगे, स्थानीय समस्याओं की जानकारी जुटाएंगे और संबंधित अधिकारियों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाएंगे।

नशा मुक्ति मोर्चा के दोआबा प्रभारी अतीन अग्निहोत्री इस तैनाती का समन्वय कर रहे हैं। मोर्चा के सदस्य संबंधित पुलिस अधीक्षकों, उप पुलिस अधीक्षकों और थाना प्रभारियों के साथ मिलकर काम करेंगे। अभियान का उद्देश्य नशे से प्रभावित संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करना और स्थानीय लोगों तथा पुलिस के बीच सूचना का आदान-प्रदान बेहतर बनाना है। इसके तहत समुदाय के प्रतिनिधि स्थानीय समस्याओं और नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी पुलिस व प्रशासन तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे।इस पहल के तहत चिह्नित स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी समय पर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

पंजाब सरकार के 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के तहत यह पहल नशा तस्करी पर रोक लगाने, नशीले पदार्थों की उपलब्धता कम करने और नशामुक्त पंजाब के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है।

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