देहरादून , मई 15 -- उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में होटल रूप में धनाढ्य लोगों द्वारा संचालित होम स्टे में रात भर नियम विस्द्ध बार संचालन एवं लाउड डीजे जैसी गैर कानूनी गतिविधि की शिकायतों की पुष्टि की बाद जिला अधिकारी सविन बंसल ने 96 होम स्टे के पंजीकरण शुक्रवार को निरस्त कर दिए। अब पर्यटन विभाग की बेवसाइट से इन सभी को हटाये जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

देहरादून जिले में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देशानुसार होमस्टे संचालन की गहन जांच कराई जा रही है। मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 96 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। जिसमें प्रथम चरण में 17 तथा द्वितीय चरण में 79 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। संबंधित होमस्टे को विभागीय वेबसाइट से भी विलोपित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। जिला प्रशासन की मजिस्ट्रेट टीमों ने अब तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 136 निरीक्षण करते हुए मानक विपरीत संचालित मिले। इनमें से ही 96 का पंजीकरण निरस्त किया गया है।

इस संदर्भ में जिलाधिकारी ने कहा कि होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों के प्रचार-प्रसार तथा स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है, किंतु निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे का उपयोग होटल अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भांति किया जाना पाया गया। जिससे अव्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं पाई गई। अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध या उनकी वैधता समाप्त पाई गई। होमस्टे का उपयोग बारात घर एवं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। कई स्थानों पर स्वामी का निवास नहीं पाया गया तथा इकाइयों को लीज या किराये पर संचालित किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना (सी-फॉर्म) उपलब्ध नहीं कराने सम्बन्धी घटनाएं प्रकाश में आई थी। कुछ होमस्टे पंजीकृत होने के बावजूद संचालित नहीं पाए गए।

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