देहरादून , मई 13 -- उत्तराखंड के देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में बनी पानी के ओवरहेड टैंक के ऊपर सोमवार सुबह से महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के साथ चढ़े नर्सिंग एकता मंच के आंदोलनकारी बुधवार शाम महानिदेशक स्वास्थ्य द्वारा नर्सिंग भर्ती संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजने के बाद नीचे उतर आए। लगभग 60 घंटे बाद नीचे उतरे नर्सिंग आंदोलनकारी और कांग्रेस नेत्री सहित सभी पांचों लोगों को अस्वस्थ होने के कारण कोरोनेशन जिला अस्पताल ले जाया गया है। जबकि उससे पहले नीचे उतरते ही कांग्रेस नेताओं ने सभी को माला पहनाकर उनकी हिम्मत को दाद दी।
वर्षवार भर्ती की मांग पूरा कराने के लिए स्थानीय एकता बिहार स्थित धरना स्थल पर नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले आंदोलन को आज 160 दिन पूरे हो गए। यह प्रदर्शनकारी सोमवार सुबह लगभग 05 बजे से ओवरहेड टैंक पर जा चढ़े। इस बीच लगातार स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से कई बार वार्ता के बावजूद प्रदर्शनकारी तत्काल शासनादेश जारी करने की मांग पर अड़े हुए थे। मंगलवार शाम को चार प्रदर्शनकारियों के साथ टैंक पर चढ़ी महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह की चेतावनी दी। साथ ही, टैंक के नीचे मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी। जिन्हें पुलिस ने बामुश्किल वहां से हटाया।
आज शाम स्वास्थ्य महानिदेशक की ओर से मांग को पूरा करने के प्रस्ताव को शासन में भेजने के बाद बेरोजगारों ने आंदोलन एक महीने के लिए स्थगित कर दिया। करीब 60 घंटे बाद टंकी से नीचे उतरे नर्सिंग बेरोजगार कविता पुंडीर, धर्मेंद्र, विनोद, आनंद पाल और महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला को कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया है। यहां पर उन्हें चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि स्वास्थ्य महानिदेशक के लिखित आश्वासन पर धरना एक महीने के लिए स्थगित किया गया है। कागजी कार्यवाही के लिए सरकार को एक महीने का समय दिया गया है। सरकार यह बिल्कुल भी न समझे कि धरना खत्म हुआ है। धरना सिर्फ एक महीने के लिए स्थगित किया गया है। वे सभी अपनी मांगों को पूरा करवाने के बाद ही शांत बैठेंगे।
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