देहरादून , जून 06 -- उत्तराखंड के देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में कैडेट आर्मी कॉलेज (एसीसी) विंग के 127वें पाठ्यक्रम के 73 कैडेटों के लिए शनिवार को आयोजित दीक्षांत समारोह गर्व और उत्साह का प्रतीक बन गया। तीन वर्षीय कठोर शैक्षणिक एवं सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले कैडेटों को इस अवसर पर स्नातक उपाधियां प्रदान की गईं।

चेटवुड हॉल में आयोजित समारोह में आइएमए के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह, एवीएसएम, वाईएसएम, एसएम ने कैडेटों को प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली की ओर से स्नातक उपाधियां प्रदान कीं। इनमें विज्ञान संकाय के 32 तथा मानविकी संकाय के 42 कैडेट शामिल थे।

इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह ने कैडेटों को प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण यात्रा सफलतापूर्वक पूरी करने पर बधाई देते हुए कहा कि चरित्र, आत्म-अनुशासन, साहस, प्रेरणा, सकारात्मक सोच और पेशेवर दक्षता एक उत्कृष्ट सैन्य अधिकारी की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के भावी अधिकारियों के रूप में कैडेटों को इन मूल्यों को सदैव अपने जीवन में आत्मसात करना होगा।

आर्मी कैडेट कॉलेज भारतीय सेना का एक प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान है, जो भारतीय सैन्य अकादमी के लिए फीडर संस्थान के रूप में कार्य करता है। यहां कैडेटों को स्नातक शिक्षा के साथ-साथ कठोर सैन्य प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे उनका सर्वांगीण शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास सुनिश्चित हो सके। जुलाई 2026 में इस पाठ्यक्रम के कैडेट प्री-कमीशन प्रशिक्षण के लिए आइएमए में अधिकारी कैडेट (ओसी) के रूप में शामिल होंगे।

समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। सेना प्रमुख (सीओएएस) स्वर्ण पदक विंग कैडेट कैप्टन नवीन को, रजत पदक कंपनी कैडेट कैप्टन अवनीश कुमार मिश्रा को तथा कांस्य पदक विंग कैडेट क्वार्टर मास्टर हर्षराज को प्रदान किया गया।

सेवा विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर कमांडेंट रजत पदक कंपनी क्वार्टर मास्टर सार्जेंट अमन प्रीत सिंह को दिया गया। मानविकी संकाय में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर कंपनी कैडेट कैप्टन अवनीश कुमार मिश्रा तथा विज्ञान संकाय में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर विंग कैडेट कैप्टन नवीन को भी कमांडेंट रजत पदक से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर नुब्रा कंपनी को आर्मी कैडेट कॉलेज की चैंपियन कंपनी घोषित करते हुए कमांडेंट्स बैनर प्रदान किया गया। यह सम्मान खेलकूद, शारीरिक प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास, वाद-विवाद, शैक्षणिक उपलब्धियों, हथियार प्रशिक्षण तथा अन्य प्रतिस्पर्धात्मक गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली कंपनी को दिया जाता है।

समारोह के समापन पर लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह ने एसीसी विंग के कमांडर ब्रिगेडियर पीयूष खुराना, एसएम तथा प्रशिक्षकों और संकाय सदस्यों की टीम की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों ने कैडेटों को सक्षम और जिम्मेदार सैन्य अधिकारी बनने की दिशा में तैयार किया है।

दीक्षांत समारोह के दौरान अभिभावकों में अपने पुत्रों की उपलब्धियों को लेकर विशेष उत्साह और गर्व देखा गया, जबकि प्रशिक्षकों ने कैडेटों की उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया। पूरे समारोह में अनुशासन, सेवा भावना और सैन्य परंपराओं की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

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