पटना , जून 07 -- बिहार विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने रविवार को कहा कि भारत विविधताओं का देश है, जहाँ अनेक जातियाँ, भाषाएँ, परंपराएँ और संस्कृतियाँ मिलकर भारत की महान सभ्यता का निर्माण करती हैं और हमारा उद्देश्य ऐसे समाज का निर्माण होना चाहिए, जिसमे सभी वर्गों के बीच प्रेम, सहयोग और सम्मान का वातावरण हो।
डॉ. कुमार आज अखिल सिंदुरिया बनिया, कैथ बनिया एवं कैथल वैश्य महासभा के स्थापना दिवस समारोह सह राष्ट्रीय महासम्मेलन में शामिल हुए।
विधानसभा अध्यक्ष ने इस अवसर पर कहा कि वैश्य समाज भारतीय संस्कृति, व्यापार, अर्थव्यवस्था और समाज सेवा की एक महत्वपूर्ण शक्ति रहा है। वैश्य समाज के लिए व्यापार केवल लाभ कमाने का माध्यम नहीं रहा, बल्कि समाज निर्माण, रोजगार सृजन और राष्ट्र की आर्थिक उन्नति का आधार रहा है। देश के विकास में वैश्य समाज का योगदान सदियों से महत्वपूर्ण रहा है।
डॉ. कुमार ने कहा कि जब समाज संगठित होता है तो उसकी आवाज भी प्रभावी होती है और आज आवश्यकता है कि सभी लोग अपनी सामाजिक शक्ति को और अधिक संगठित करें। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति केवल आर्थिक समृद्धि से नहीं होती, बल्कि शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों और संगठनात्मक एकता से होती है। सामाजिक समरसता भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।
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