नयी दिल्ली , अक्टूबर 25 -- दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 'इंडिया गठबंधन' के नेताओं विशेष कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है।
श्री मल्होत्रा ने रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपने खोये राजनीतिक अस्तित्व को पुनः हासिल करने के मकसद से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर आंदोलन शुरू कराया। फिर कॉकरोच जनता पार्टी बनवा कर देश में विपक्ष की जगह पर कब्जा करने की कोशिश की। यहीं से कौन बड़ा अराजक है इसको लेकर श्री गांधी तथा 'इंडिया गठबंधन' के अन्य नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गयी।
इसी क्रम में राजनीतिक रूप से शून्य साबित हो चुके श्री योगेन्द्र यादव, श्री प्रशांत भूषण और राकेश टिकैत जैसे भी इस वर्चस्व लड़ाई में कूदते रहते हैं। अब यह विपक्षी त्रिकोण आये दिन अलग अलग एक के बाद एक दिन दिल्ली और मुम्बई में आंदोलन की घोषणा करता रहता है।
श्री मल्होत्रा ने कहा कि जहां दिल्ली देश की राजधानी है तो साथ ही दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक केन्द्र है और मुम्बई तो है ही देश का सबसे बड़ा व्यापार केन्द्र है। उन्होंने कहा कि जिस तरह जुलाई से कांग्रेस और आप आये दिन दिल्ली और मुम्बई में अलग अलग दिन आंदोलन घोषित करते हैं वह स्पष्ट दिखाता है कि यह किसी विदेशी ताकत की फंडिंग से देश का व्यपार तबाह करने में लगे हैं।
देश को राजनीतिक रूप से अस्थिर करने के साथ ही आर्थिक व्यापारिक रूप से तबाह करने में लगी कांग्रेस और श्री गांधी ने दिवाली से ठीक पहले एक नवम्बर को दिल्ली में एक राजनीतिक रैली की घोषणा की जिसे व्यापारिक क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि ना सिर्फ व्यापारिक संस्थाएं सीआईटी, कैट और दिल्ली व्यापार महासंघ दिवाली से ठीक पहले एक नवम्बर को दिल्ली में बड़ी राजनीतिक रैली का विरोध कर रहे हैं। इससे सिख समुदाय में भी रोष है क्योंकि सिख समाज 31 अक्टूबर से दो नवम्बर के तीन दिन 1984 में हुए सिख नरसंहार की स्मृति मनाते हैं। आज कांग्रेस फिर सिख समाज के जख्मों पर नमक छिड़कने में लगी है।
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