नयी दिल्ली , अक्टूबर 15 -- मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक शोर के बीच चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दो नवंबर से चार जनवरी के बीच फोटोयुक्त मतदाता सूचियों की विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कराने की घोषणा की है।
आयोग के द्वारा इसके लिए अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुड्डुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारियों (सीईओ) को गुरुवार को विस्तृत दिशानिर्देश जारी किये।
कार्यक्रम के अनुसार इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसएसआर कार्यक्रम के तहत मतदान केंद्रों के पुनर्व्यवस्था दो नवंबर तक दी जाएगी। समन्वित मतदाता सूचियों का प्रकाशन 12 नवंबर तक किया जाएगा। उन पर दावें और आपत्ति 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक की जा सकेगी और दावे तथा आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा तथा अंतिम सूची का प्रकाशन चार जनवरी को की जाएगी।
आयोग ने कहा है कि इन सूचियों को एक जनवरी 2027 की सूची माना जाएगा और इस तिथि तक मतदान के पात्रता रखने वाले नागरिकों का नाम दर्ज किया जा सकेगा।
आयोग ने कहा है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अभी एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है या अभी समाप्त हुई है, उनमें एसएसआर के कार्यक्रम उचित समय घोषित किये जाएंगे, जिसमें मौसम आदि का भी ध्यान रखा जाएगा। इन राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में आंध्र प्रदेश अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादर-नगर हवेली, दमन-दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं।
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भी में मतदाता सूचियों की समीक्षा का कार्यक्रम मौसम को ध्यान में रखकर बाद में घोषित किया जाएगा। इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में अभी एसआईआर शुरू नहीं करायी गयी है।
आयोग ने कहा है कि दो नंबर से शुरू करायी जा रही है एसएसआर के दौरान ऐसे युवा नागरिकों को भी पंजीकरण का अग्रिम आवेदन करने का अवसर होगा, जो अगले वर्ष एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे।
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