नयी दिल्ली , सितंबर 07 -- देश के कई शहरों में वायु प्रदूषण कम करने की कोशिशों का असर दिखने लगा है और 108 शहरों की हवा की गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सोमवार को स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर पांचवें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान किये। मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत 2017-18 की तुलना में 2025-26 में 130 में से 108 शहरों में हवा में मौजूद बारीक धूल के कणों (पीएम10) के स्तर में कमी आयी है। इनमें 72 शहरों में 20 प्रतिशत से अधिक और 26 शहरों में 40 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गयी है। वहीं, 14 शहर राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों को हासिल करने में सफल रहे हैं।

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 130 शहरों को अब तक 16,425 करोड़ रुपये का प्रदर्शन आधारित अनुदान दिया गया है। इस राशि का इस्तेमाल वायु प्रदूषण कम करने के उपायों के लिए किया जा रहा है।

हरित न्यायाधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि स्वच्छ हवा हासिल करना संभव है और इसके लिए सही योजना तथा जमीन पर प्रभावी ढंग से काम करना जरूरी है। उन्होंने प्रदूषण के स्रोतों पर रोक लगाने और नयी तकनीक अपनाने में स्थानीय निकायों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार ने कहा कि वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई लगातार चलने वाली प्रक्रिया है और इसमें लोगों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने बताया कि 130 शहरों की वायु गुणवत्ता की निगरानी 'प्राण' पोर्टल के माध्यम से की जा रही है।

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