नोएडा , अगस्त 22 -- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को इलाज से बचाव की ओर तेजी से बढ़ना चाहिए और स्वास्थ्य जांच एवं रोग की पहचान गैर संचारी बीमारियों के बढ़ते बोझ को कम करने में अहम् भूमिका निभायेगी।

श्री सिंह ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा में महाजन इमेजिंग एंड लैब्स की इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन करते हुए कहा कि बीमारियों का शुरुआती चरण में इलाज कर लेने से न केवल मरीजों और परिवारों पर बोझ कम पड़ता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली और अर्थव्यवस्था पर दबाव घटता है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी पहलों के जरिए देश ने स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच बढ़ाने में काफी तरक्की की है। इस कार्यक्रम से पांच करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश में ही 80 लाख से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य सेवा संबंधी सहायतायें मिली हैं। उन्होंने कहा कि देश की स्वास्थ्य सेवा यात्रा का अगला चरण अब लोगों को स्वस्थ रखने और स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिकित्सा स्थिति बनने से पहले पहचानने पर होना चाहिए।

श्री सिंह ने कहा कि देश के पास आज एक बेहतर अवसर है, जिसमें प्रतिभावान चिकित्सक और वैज्ञानिक, मज़बूत तकनीकी क्षमतायें और एक ऐसा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र है जो तेज़ी से नवाचार को अपना रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) , एडवांस्ड इमेजिंग, मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स और डिजिटल हेल्थ इस दृष्टिकोण को मज़बूत कर सकते हैं, बशर्ते प्रौद्योगिकी, चिकित्सा विशेषज्ञता और इंसान के दयाभाव के साथ काम करती रहे।

उन्होंने कहा कि भारत को सिर्फ़ वैश्विक स्वास्थ्य सेवा रुझान का अनुसरण नहीं करना चाहिए, बल्कि स्वास्थ्य सेवा नवाचार के अगले चरण की अगुवाई करने में मदद करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लोगों के पास अग्रणी डायग्नोस्टिक क्षमताओं की उपलब्धता से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवा तक उपलब्धता मजबूत होगी और राज्य के बड़े स्वास्थ्य सेवा पारितंत्र को मदद मिलेगी। यह एक स्वस्थ और मजबूत भारत, विकसित भारत के दृष्टिकोण के लिए एक महत्वपूर्ण आधार होगा।

श्री सिंह ने कहा कि रक्षा सेवाओं की स्वास्थ्य सेवा इकाइयों को भी आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों से लैस करने की दिशा में तेजी से कदम उठाये जा रहे हैं।

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