रामनगर , फरवरी 12 -- केंद्रीय ट्रेड यूनियन फेडरेशनों के आह्वान पर गुरुवार को आयोजित देशव्यापी आम हड़ताल में उत्तराखंड के रामनगर क्षेत्र की भोजनमाताओं ने भी सक्रिय भागीदारी की। प्रगतिशील भोजनमाता संगठन के नेतृत्व में भोजनमाताओं ने कार्य का बहिष्कार किया, सभा आयोजित की और शहर में जुलूस निकालकर केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार लेबर कोड को तत्काल रद्द करने की मांग की।
देवभूमि व्यापार मंडल कार्यालय में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संगठन की अध्यक्ष शारदा देवी ने कहा कि नए लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं और ट्रेड यूनियन तथा हड़ताल के अधिकार पर प्रतिबंध लगाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में भोजनमाताओं को मात्र 3,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, वह भी साल में 11 महीने। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मानदेय नहीं बढ़ाया गया तो प्रदेशभर की भोजनमाताएं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगी।
इंकलाबी मजदूर केंद्र के महासचिव रोहित रुहेला ने कहा कि लेबर कोड में 'फिक्स टर्म एम्प्लॉयमेंट' के प्रावधान से "हायर एंड फायर" की नीति को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे ईएसआईसी और ईपीएफ पर भी चिंता व्यक्त की।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी ने सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए मजदूरों, किसानों एवं युवाओं के मुद्दों पर एकजुटता की अपील की। वहीं, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की पूर्व अध्यक्ष शीला शर्मा ने महिला मजदूरों से रात्रि पाली में काम लिए जाने के प्रावधान पर सवाल उठाए और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की।
सभा के बाद शहर में निकाले गए जुलूस में गीता सत्यवली, ममता देवी, विमला देवी, कमला रावत, नंदी देवी, हंसी देवी, आनंदी देवी, शांति देवी, बाला देवी, पदमा देवी, दीपा देवी सहित बड़ी संख्या में भोजनमाताओं ने भाग लिया।
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