देवास , जुलाई 19 -- मध्यप्रदेश के देवास जिले में प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक अनेक शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी तथा असंतुलित पदस्थापना के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत सामने आई है।
जिला शिक्षा अधिकारी राजीव सूर्यवंशी ने स्वीकार किया कि जिले के कई विद्यालयों में शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप शिक्षकों की उपलब्धता नहीं है। नियमानुसार प्राथमिक विद्यालय में दो तथा माध्यमिक विद्यालय में तीन शिक्षकों की व्यवस्था होना चाहिए। कई स्थानों पर छात्र संख्या कम होने के कारण प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों का संचालन एक साथ किया जा रहा है। इसके बावजूद कुछ विद्यालयों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक पदस्थ हैं, जबकि कई विद्यालयों में निर्धारित संख्या से कम शिक्षक कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों के स्थानांतरण संबंधी आवेदन नियमानुसार प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा को भेजे गए हैं। वर्ग-दो के शिक्षकों के स्थानांतरण का अधिकार प्रभारी मंत्री के पास नहीं होने के कारण ऐसे प्रकरण उच्च अधिकारियों को भेजे गए हैं।
इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भगवान सिंह चावड़ा ने आरोप लगाया कि स्थानांतरण संबंधी अधिकार मुख्यमंत्री स्तर पर केंद्रित होने के कारण प्रदेश में अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सत्र शुरू हुए लगभग एक माह हो चुका है, लेकिन शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। श्री चावड़ा ने कलेक्टर से उपलब्ध अधिकारों का उपयोग करते हुए आवश्यकतानुसार शिक्षकों की अस्थायी पदस्थापना (अटैचमेंट) कर विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु कराने की मांग की है।
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