उज्जैन , अप्रैल 11 -- मध्यप्रदेश की प्राचीन नगरी उज्जैन में प्रशासन ने आगामी 2028 सिंहस्थ महापर्व में लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जतायी है। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत श्रद्धालुओं का आवागमन यातायात सड़क मार्ग से होगा। इसलिए देवास और इंदौर से उज्जैन आने वाले प्रमुख मार्गों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाये। सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभाकक्ष में शनिवार को आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग संकेत भोंडवे और एडीजी राकेश गुप्ता की अध्यक्षता में आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 के अंतर्गत मोबिलिटी प्लानिंग, यातायात प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई। इन क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 'ट्रैफिक सिमुलेशन' (माइक्रोस्कोपिक एवं मेक्रोस्कोपिक) का उपयोग किया जाए।
बैठक में सिंहस्थ के दौरान अपेक्षित भीड़ और वाहनों का सुव्यवस्थित तरीके से प्रबंधन के लिए डेटा-आधारित एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ महापर्व 2028 के दौरान उज्जैन आवागमन के प्रमुख मार्गों पर सामान्य दिनों तथा विशेष पर्वों के दौरान प्रति घंटा गुजरने वाले वाहनों की संख्या का विश्लेषण किया जाए। बताया गया कि इंदौर-देवास रोड की नेटवर्किंग पर कार्य प्रगति पर है। दिन-रात के विभिन्न समय में वाहनों की संख्या में होने वाले परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
संभागायुक्त एवं मेला अधिकारी आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि रेलवे, बस तथा निजी वाहनों से आने वाले यात्रियों की वहन क्षमता का आंकलन कर एक विधिवत एवं विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए। कनेक्टिंग रोड्स की क्षमता सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से द्वितीय और तृतीय शाही स्नान के दौरान अपेक्षित अधिकतम भीड़ को ध्यान में रखते हुए गतिशीलता नियोजन किया जाए। आगमन के प्रमुख मार्गों का भौतिक निरीक्षण कर सूक्ष्म स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जाए।
बैठक में सिंहस्थ से पहले और दौरान उज्जैन में आने वाली भीड़ का आंकलन कर कार्ययोजना बनाने पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। लॉजिस्टिक्स प्लानिंग को पूरी तरह डेटा-ड्रिवन और वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। जिसमें पहले मांग का सटीक अनुमान, फिर मॉडलिंग के माध्यम से पूर्वानुमान और अंत में रूटिंग एवं ट्रैफिक सिमुलेशन शामिल होगा।
आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग संकेत भोंडवे ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ के अंतर्गत बनाए जा रहे प्रमुख मार्गों की सड़क सुरक्षा ऑडिट समयबद्ध तरीके से कराई जाए। शहर और आसपास के प्रमुख ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जाएं। उन्होंने कहा कि अगले छह माह में सभी मार्गों पर दिशा सूचक चिन्ह बोर्ड तथा वेरिएबल मैसेजिंग साइन अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
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