पौड़ी गढ़वाल , मार्च 20 -- उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के ऐतिहासिक क्षेत्र देवलगढ़ में स्थित प्राचीन गुफाओं से अहम पुरातात्विक अवशेष मिलने से क्षेत्र में हलचल मच गई है। गुफा की सफाई के दौरान मजदूरों को हड्डियों के अवशेष और तीन कंगन मिले, जिनमें एक छोटा और दो बड़े कंगन शामिल हैं।

सूचना मिलने पर पुरातत्व विभाग की टीम गुरुवार को तुरंत मौके पर पहुंची और सभी अवशेषों को कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। विभाग के प्रभारी अनिल बिष्ट ने शुक्रवार को बताया कि इस दौरान उनकी टीम के मानचित्रकार प्रेम चंद्र ध्यानी, कनिष्ठ अभियंता अनिल नेगी और पुरातत्व फोटोग्राफर विनीत गिरि मौजूद रहे। बताया कि आज हड्डियाँ और कंगन, कार्बन डेटिंग और धातु परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि देवलगढ़, जो कभी गढ़वाल राजाओं की राजधानी रहा है, अपने समृद्ध इतिहास और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। क्षेत्र में भैरव गुफा, सिद्ध भैरव गुफा और नाथ सिद्धों की समाधियां भी मौजूद हैं। देवलगढ़ विकास एवं संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं श्री राजराजेश्वरी मंदिर के मुख्य पुजारी कुंजिका प्रसाद उनियाल ने बताया कि यह खोज ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।

पुरातत्व विभाग के अनुसार, अवशेषों को कार्बन डेटिंग और धातु परीक्षण के लिए भेजा जाएगा, जिससे इनके समयकाल और महत्व का सटीक आंकलन किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज देवलगढ़ क्षेत्र के प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को समझने में अहम साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों ने भी इस खोज को उत्साहजनक बताया है और क्षेत्र में व्यापक स्तर पर पुरातात्विक संरक्षण कार्य की मांग उठाई है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित