देवरिया , जुलाई 24 -- उत्तर प्रदेश के देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुलगी ने स्कूल चलो अभियान को और गति देने के लिए शुक्रवार को ग्राम प्रशासकों का सहयोग मांगा है।
आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां बताया कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव शिक्षा और स्वास्थ्य को और बेहतर करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री हुलगी ने आज जिले के सभी ग्राम प्रशासकों से अपील की कि वे अपने गांव में शत-प्रतिशत नामांकन और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने में अग्रणी भूमिका निभाएं। प्रदेश सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से शुरू किए गए स्कूल चलो अभियान का द्वितीय चरण देवरिया में 2 जुलाई से संचालित है। इसका लक्ष्य कक्षा 1 से 8 तक के हर बच्चे को परिषदीय विद्यालय से जोड़ना और उसे नियमित रूप से कक्षा तक लाना है।
श्री हुलगी ने बताया कि सरकार बच्चों को निःशुल्क किताबें, यूनिफॉर्म, बैग, जूते-मोजे, स्वेटर, स्टेशनरी के साथ-साथ पौष्टिक मध्यान्ह भोजन और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं दे रही है। लेकिन इन योजनाओं का लाभ तभी संभव है जब पात्र बच्चा विद्यालय की दहलीज तक पहुंचे। उन्होंने 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को पहली पाठशाल बताया। उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्त देवरिया बनाने और बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने में आंगनबाड़ी की भूमिका सबसे अहम है। इसलिए यहां भी शत-प्रतिशत उपस्थिति जरूरी है।
उन्होंने ग्राम प्रशासकों से कहा कि वे घर-घर जाकर 6 से 14 वर्ष के बच्चों का नामांकन कराएं। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों के साथ समन्वय कर केंद्रों और स्कूलों का नियमित अनुश्रवण करें। कायाकल्प अभियान के 19 मानकों से संतृप्त स्कूल और आंगनबाड़ी ही बच्चों को बेहतर माहौल दे सकते हैं। जिलाधिकारी ने भरोसा जताया कि ग्राम प्रशासकों और जनता के सहयोग से देवरिया शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश में अग्रणी बनेगा।
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