देवरिया , अप्रैल 30 -- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बरहज क्षेत्र में अधिवक्ता की संदिग्ध मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपित बनाए गए लोगों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिले में लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रशासन ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद सपा कार्यकर्ता बरहज तहसील परिसर में एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तैनात भारी पुलिस बल ने तहसील गेट पर ही प्रदर्शनकारियों को रोक लिया और करीब चार दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर अन्यत्र भेज दिया।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि अधिवक्ता की मौत के मामले में पुलिस ने निर्दोष लोगों को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया है और उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन बुधवार रात सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव को उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। इसके अलावा राज्यसभा की पूर्व सदस्य और वरिष्ठ सपा नेता कनकलता सिंह तथा पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर तिवारी को भी उनके घरों पर ही नजरबंद किया गया।
पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर तिवारी ने कहा कि जिले में बढ़ते अपराध, निर्दोष लोगों पर फर्जी मुकदमे और पीडीए परिवार के साथ कथित अन्याय के खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष के लिए तैयार है।
वहीं क्षेत्राधिकारी बरहज ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर करीब चार दर्जन लोगों को एहतियातन डिटेन किया गया है, जिन्हें स्थिति सामान्य होने पर छोड़ दिया जाएगा।
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