देवरिया , अप्रैल 19 -- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में मानव तस्करी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो नाबालिग लड़कियों और एक नाबालिग लड़के को बरामद किया है। बरामद बालक को राजकीय बाल सुधार गृह तथा दोनों लड़कियों को बाल संप्रेक्षण नारी गृह भेज दिया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह ने शनिवार को बताया कि 16/17 अप्रैल की रात रेलवे सुरक्षा बल के हेड कांस्टेबल अखिलेश यादव, विमलेश कुमार और कांस्टेबल शैलेश कुमार यादव अवध-असम एक्सप्रेस में एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात थे। ट्रेन के बिहार स्थित सिवान जिले के जीरादेई स्टेशन पहुंचने पर जनरल कोच में दो नाबालिग लड़कियां, एक नाबालिग लड़का और दो वयस्क पुरुष संदिग्ध अवस्था में मिले।

उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान नाबालिगों ने बताया कि जाहीर हुसैन उर्फ जाहिद हुसैन उर्फ अयात हुसैन और सद्दाम हुसैन उन्हें शादी एवं मजदूरी के बहाने गुवाहाटी से दिल्ली होते हुए कश्मीर ले जा रहे थे। बच्चों ने यह भी बताया कि वे बांग्लादेश के निवासी हैं और दोनों आरोपी उन्हें सीमा पार कराकर भारत लाए थे।

रेलवे सुरक्षा बल ने पांचों को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना, देवरिया के सुपुर्द कर दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने मानव तस्करी की बात स्वीकार की। इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

बरामद नाबालिग लड़के को राजकीय बाल सुधार गृह, गोरखपुर तथा दोनों लड़कियों को बाल संप्रेक्षण नारी गृह, बाराबंकी में दाखिल कराया गया है।

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