रांची , जून 20 -- झारखंड के देवघर सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है।

सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक के परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर एक्सपायरी स्लाइन चढ़ाने और इलाज के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बैजनाथपुर निवासी कृष कुमार अपने एक मित्र के साथ बाइक से बिलासी चौक की ओर जा रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की सहायता से उसे इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घायल युवक की मां टुम्पा देवी ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराने के बाद प्राथमिक उपचार और ड्रेसिंग के लिए उनसे पैसे मांगे गए। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को बताया कि वे जल्दबाजी में घर से बिना पैसे लिए निकल आई हैं, लेकिन इसके बावजूद इलाज शुरू नहीं किया गया। परिजनों का कहना है कि बेटे की हालत बिगड़ती देख उन्हें अपना मोबाइल फोन गिरवी रखना पड़ा, जिसके बाद उपचार शुरू किया गया।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज के दौरान युवक को जो स्लाइन चढ़ाई गई, उसकी एक्सपायरी अवधि समाप्त हो चुकी थी। उनके अनुसार संबंधित स्लाइन का निर्माण फरवरी 2024 में हुआ था तथा उसकी एक्सपायरी जनवरी 2026 में हो चुकी थी। इसके बावजूद 19 जून 2026 को वही स्लाइन मरीज को लगा दी गई।

मामले की जानकारी मिलने और परिजनों के विरोध के बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल एक्सपायरी स्लाइन हटाकर दूसरी स्लाइन लगाई। फिलहाल घायल युवक की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा। परिजनों ने दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसी लापरवाही पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

वहीं, देवघर के सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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