प्रयागराज , जुलाई 30 -- उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की प्रयागराज इकाई ने आईटीआई नैनी में आयोजित अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा में दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर साल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए संस्थान के प्रधानाचार्य, प्रभारी कार्यदेशक, चार अनुदेशकों सहित कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से नकदी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और परीक्षा संबंधी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ के अनुसार कार्रवाई 29 जुलाई को आईटीआई नैनी परिसर स्थित कौशल विकास भवन में की गई। गिरफ्तार आरोपियों में साल्वर शिवम कुमार, रणविजय सिंह, जय सिंह, जितेंद्र पटेल और दिलीप कुमार पटेल, आईटीआई के प्रधानाचार्य अशोक कुमार, प्रभारी कार्यदेशक रवि प्रकाश तथा अनुदेशक फूल प्रकाश, धीरज कुमार, राजेश कुमार और राजकुमार मौर्य शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि आईटीआई नैनी में आयोजित वार्षिक अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा के सैद्धांतिक विषयों में अभ्यर्थियों से धन लेकर उनके स्थान पर साल्वर बैठाए जाते थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि प्रत्येक अभ्यर्थी से लगभग 4,000 रुपये लेकर परीक्षा दिलाई जाती थी और प्राप्त धनराशि गिरोह के सदस्यों में आपस में बांट ली जाती थी।
एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से पांच लाख 10 हजार रुपये नकद, पांच प्रवेश पत्रों की फोटो प्रतियां, पांच मॉनिटर, पांच सीपीयू, पांच कीबोर्ड, पांच माउस, छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन, तीन आधार कार्ड, तीन पैन कार्ड, सात एटीएम कार्ड, एक पेन ड्राइव तथा व्यक्तिगत तलाशी में 16,370 रुपये नकद बरामद किए हैं।
यह कार्रवाई एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) शैलेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में प्रयागराज फील्ड यूनिट द्वारा की गई। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध नैनी थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2) तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 की धाराओं 8, 10, 11 और 13(3)(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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