नैनीताल , मार्च 24 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने दून विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया।वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने मामले का निस्तारण करते हुए याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वे न्ययालय के आदेश की प्रति विश्वविद्यालय प्रशासन को तामील कराएं।

न्यायालय ने कहा कि आदेश की प्रति प्राप्त होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन याचिकाकर्ता के लंबित प्रत्यावेदन पर तीन माह के भीतर निर्णय ले। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी निर्णय से पहले संबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर का पक्ष अवश्य सुना जाए।

मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता जगतपाल सिंह ने न्यायालय में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उन्होंने दून विश्वविद्यालय में भौतिकी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन किया था लेकिन उनका चयन नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि चयनित अभ्यर्थी के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में खामियां होने के बावजूद नियुक्ति कर दी गई, जो नियमों के विरुद्ध है। याचिका में चयन को निरस्त करने की मांग की गई है।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने याचिका का निस्तारित करते हुए विश्वविद्यालय को निष्पक्ष तरीके से प्रत्यावेदन पर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।

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