देहरादून , मई 05 -- उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग में मंगलवार को दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय की प्राचार्य डॉक्टर गीता जैन ने सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर आयोग उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना के सम्मुख अपना पक्ष रखा। इस दौरान, लगभग सभी समस्याओं के निराकरण का विश्वास दिलाया गया।
बैठक में उपनल के माध्यम से दून मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2009 तथा उसके बाद कार्यरत 105 सफाई कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन दिए जाने को उनका उपनल से पूरे कार्यकाल का विवरण मांगे जाने पर सहमति बनी। क्योंकि दून मेडिकल कॉलेज का गठन 2016 में हुआ। जबकि शासनादेश अनुसार 25 नवंबर 2025 तक 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को राज्य सरकार द्वारा समान कार्य समान वेतन दिया जायेगा।
आयोग ने प्राचार्य से पिछले ठेकेदार द्वारा सफाई कर्मचारियों को मात्र 8000 रुपए वेतन देने तथा एक वर्ष का उनका पीएफ जमा नहीं करने पर उसके खिलाफ वसूली की कार्यवाही न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। प्राचार्य ने शीघ्र कर्मचारियों के खाते में उनकी पीएफ धनराशि भेजने की कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
श्री मकवाना ने वर्तमान फर्म द्वारा कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं देने तथा ईपीएफ, ईएसआई आदि जमा नहीं करने पर चिन्ता व्यक्त की। इस पर प्राचार्या ने बताया कि वर्तमान ठेकेदार को सफाई व्यवस्था के लिए 26 लाख रुपए का भुगतान प्रति मास किया जा रहा है। कर्मचारियों को उसके द्वारा यदि ईपीएफ और ईएसआई तथा उपकरण आदि नहीं दिए जा रहे हैं तब वह ठेकेदार को स्पष्टीकरण मांगेंगे तथा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सफाई आयोग उपाध्यक्ष ने कर्मचारियों को ठेकेदार द्वारा हटाए जाने तथा उनको उपकरण में सफाई सामग्री उचित प्रकार से उपलब्ध नहीं कराए जाने पर भी नाराजगी प्रकट की। उन्होंने ठेकेदार को जल्द आयोग में तलब किया जाएगा यदि ठेकेदार द्वारा सफाई कर्मचारियों का उत्पीड़न किया गया तो आयोग उसको बर्दाश्त नहीं करेगा तथा ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई कराई जाएगी।
बैठक में मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य द्वारा यह भी भरोसा दिलाया कि वह सफाई कर्मचारियों के हित में आयोग के निर्देशानुसार कार्रवाई करेंगीसमीक्षा बैठक में आज अपना कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे नवनियुक्त सदस्य नितिन चरण एवं हर्ष रत्नाकर भी मौजूद रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित