भरतपुर , जुलाई 27 -- राजस्थान में भरतपुर के यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम संख्या-दो न्यायालय ने एक किशोरी से दुष्कर्म करने के आरोपी को सोमवार को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी।
विशिष्ट न्यायाधीश सचिन गुप्ता ने अभियुक्त को किशोरी से दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए उस पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी किया।
मामले के अनुसार 17 सितम्बर 2025 को देर रात अभियुक्त पीड़िता के घर घुस गया और देशी पिस्तौल से धमकाकर उससे दुष्कर्म किया।
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