जयपुर , जुलाई 29 -- राजस्थान में जयपुर के यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम न्यायालय ने किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में एक महिला सहित दो आरोपियों को बुधवार को दोषी करार देते हुए उन्हें 20- 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
विशिष्ट न्यायाधीश विकास कुमार खण्डेलवाल ने अभियुक्त अर्पित कुमावत को 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म करने और महिला अभियुक्त चंदा कुमावत को दुष्कर्म के लिये अर्पित को अपना घर मुहैया कराने का दोषी मानते हुए दोनों पर जुर्माना भी किया।
मामले के अनुसार जयपुर के करधनी थाना क्षेत्र में सितम्बर 2022 में अभियुक्त अर्पित किशोरी को दो बार महिला अभियुक्त चंदा कुमावत के घर ले गया और उससे दुष्कर्म किया।
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