भरतपुर , अप्रैल 23 -- राजस्थान में सवाई माधोपुर में बौंली क्षेत्र के गोल वन क्षेत्र में एक बार फिर दुर्लभ पीला पलाश का फूल खिलने से प्रकृति प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गयी है।

वन विभाग ने इसे सवाईमाधोपुर के लिए प्रकृति का अनुपम उपहार बताया है। गुरुवार को सामाजिक वानिकी वन विभाग के दल ने गश्त के दौरान इस दुर्लभ पेड़ को चिन्हित करके केसरिया पलाश के पेड़ों के बीच दो पीले रंग के दुर्लभ प्रजाति के पेड़ के फोटो लिए और उच्च अधिकारियों को सूचना दी।

सूत्रों ने बताया कि दो वर्ष पहले भी जिले के जंगल में ये फूल देखा गया था। पलाश को "फ्लेम ऑफ द फॉरेस्ट" के नाम से भी जाना जाता है लेकिन पीले रंग का पलाश बेहद दुर्लभ माना जाता है। पीले पलाश की यह प्रजाति संरक्षित श्रेणी में आती है और बहुत कम स्थानों पर ही देखने को मिलती है। यह एक दुर्लभ प्रजाति है, जिसे वन विभाग द्वारा संरक्षित किया जा रहा है।

वनाधिकारियों के मुताबिक पीले पलाश के बीज एकत्र करके नर्सरी में पौधे तैयार किए जाएंगे और दूसरी जगह पर भी इसे लगाया जाएगा। फिलहाल बौंली वन क्षेत्र में मिला यह पीला पलाश न सिर्फ वन विभाग के लिए बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए भी खास आकर्षण बना हुआ है और आने वाले समय में इसके संरक्षण की दिशा में बड़े प्रयास किए जाएंगे।

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